7 माह में 25 हजार मामले सुने, 20 हजार का निपटारा भी, रोज हो रही 800 सुनवाई

कोरोना काल के बीच हाई कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई ने न्याय को और सुलभ बना दिया है। हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में 1 अप्रैल से 30 अक्टूबर तक के 215 दिनों में से 125 दिन काम हुआ है। 89 दिन अवकाश के बावजूद 25 हजार मामले सुने गए, जिनमें से 20 हजार का निपटारा भी हो गया है। 24 मार्च को लॉक डाउन के बाद अप्रैल में यह सिस्टम शुरू हुआ था।

अप्रैल और मई में 25 से 30 केस ही सुने जा रहे थे, लेकिन अब रोज करीब 800 केस की सुनवाई हो रही है। हर दिन 5 से 6 घंटे सुनवाई चल रही है, कई बार बिना लंच ब्रेक के भी काम चल रहा है। हालांकि अपील के मामले कम सुन पा रहे हैं। रजिस्ट्रार अनिल वर्मा कहते हैं कि नए सिस्टम को स्थापित करने में स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका है। पहले सेट प्रस्तुत करने सहित कुछ काम ऐसे थे, जो वकील करते थे, लेकिन अब स्टाफ कर रहा है।

कागजों से मिली मुक्ति: पक्षकारों को 1500 रु. तक का फायदा

अधिवक्ता आनंद अग्रवाल के मुताबिक पहले याचिका दायर करने के लिए कई तरह के दस्तावेजों की फोटो काॅपी कराना होती थी। टाइपिंग वगैरह मिलाकर 1500 रुपए तक खर्च हो जाते थे। अब एक सेट पीडीएफ में बनाकर अपलोड करने से ही काम पूरा हो जाता है। वकीलों काे याचिका दायर करने के लिए कोर्ट नहीं जाना पड़ रहा है। नए वकीलों को भी अपनी बात रखने में आसानी हो रही है।

उपस्थिति टाल नहीं पा रहे अफसर

कई मामलों में भोपाल से अफसरों को इंदौर आना पड़ता था। इसमें काफी समय व पैसा खर्च होता था। हाल ही में सांवेर रोड स्थित नई जेल पूरा करने के मामले में प्रमुख सचिव वित्त व गृह विभाग, आम सड़क से निजी गेट हटाने के मामले में कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उपस्थित हुए।

कोरोना से पहले जैसी स्थिति बन रही

अधिवक्ता मनीष यादव के मुताबिक कोरोना काल के पहले कुल 15 सौ तक प्रकरण लगते थे। अभी इनकी संख्या 800 तक जा रही है। यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। कोरोना काल से पहले जैसी सुनवाई होती थी उसके करीब ही इस सिस्टम से सुनवाई हो रही है।

तय तारीख पर ही आ रही केस डायरी

अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्य मित्र भार्गव के मुताबिक नए सिस्टम में बड़ा बदलाव जवाब पेश करने में हुआ है। अब जमानत, अग्रिम जमानत के मामले में केस डायरी पीडीएफ या पेन ड्राइव से तय तारीख पर ही पहुंच रही है। पहले पुलिसकर्मी केस डायरी लाता था, जिसमें समय लगता था। रिट पिटिशन के मामलों में भी समय पर जवाब पेश हो रहे हैं।

खासगी ट्रस्ट से हनी ट्रेप तक सब सुने

हनीट्रैप को लेकर दायर चार जनहित याचिकाएं, खासगी ट्रस्ट के द्वारा संपत्ति बेचने, 300 के लगभग चाय- किराना व्यापारियों की लीज निरस्ती, हनी ट्रैप के आरोपियों की जमानत, भू-माफियाओं की जमानत के मामले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आसानी से निपट गए।



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इंदौर हाईकोर्ट


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17 मिनट में सीएम ने 11 बार कहा- ‘सेठ कमलनाथ’ बोले- आपका पाप है कि किसानों का पैसा खा गए

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने गुरुवार को सुलगांव में कहा- मैं नारायण भाई और नंदू भैया को वचन देना हूं कि विकास में कोई कसर नहीं रखूंगा। आपको मुझ पर विश्वास है। तीन साल में इस क्षेत्र व प्रदेश में सब गरीबों को कच्चे की जगह पक्का मकान बनवा कर दूंगा। सभी गांव में हैंडपंप का नहीं, नलजल योजना बनाकर नल लगाकर टोटी से पानी पिलाऊंगा। बताओ कमलनाथ यह कर सकता है क्या? दिल से बताना मामा अच्छा कि कमलनाथ, तो मामा को फिर से सीएम बनना चाहिए कि नहीं।
17 मिनट के भाषण में सीएम ने 11 बार कमलनाथ का नाम लिया। सीएम बोले अब सेठ (कमलनाथ) पूछ रहे थे मैंने क्या पाप किया। तुमने यही पाप किया कि किसानों के पैसे खा गए। योजनाएं बंद कर दी। कोरोना जैसे ही खत्म होगा मामा व आपका बेटा फिर बुजुर्गों को तीर्थदर्शन पर ले जाएगा।

मुख्यमंत्री की तीन सभाओं की यह है प्रमुख वजह

  1. उपचुनाव में मुख्यमंत्री ने मांधाता विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को तीसरी चुनावी सभा सुलगांव में की। क्योंकि विस चुनाव 2018 में भाजपा को सुलगांव और गोल सेक्टर में 2000 वोटों से हार मिली थी। मांधाता सीट पर 2018 के चुनाव में हार-जीत का अंतर सिर्फ 1236 वोटों का था।
  2. मूंदी में 8 अक्टूबर को सभा हुई थी। यहां सभा इसलिए क्योंकि यह मांधाता विधानसभा क्षेत्र का केंद्र है। हालांकि किल्लौद और सुलगांव की तरह यहां हालात उल्टे हैं। क्योंकि यहां विधानसभा चुनाव 2018 में भाजपा को 1500 वोटों की बढ़त मिली थी।
  3. किल्लौद में 2500 वोट के बाद सबसे ज्यादा दो हजार मतों से हारने वाली सुलंगांव और गोल सेक्टर को साधने के लिए सीएम चौहान की सभा यहां कराई। चौहान ने मंच से सुलगांव का नाम पांच बार लिया। बोले गांव के 3 बच्चों को लैपटाप भी मिले हैं।

एक मंच पर भाजपा के पांच सांसद : धार सांसद ने रिश्तों के नाम पर मांगे वोट
सुलगांव की चुनावी सभा में एक मंच पर भाजपा के पांच सांसद मौजूद थे। मंडला सांसद एवं केंद्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते, खंडवा सांसद नंदकुमारसिंह चौहान, खरगोन सांसद गजेंद्र पटेल, बैतूल सांसद दुर्गादास उईके, धार सांसद व सुलगांव के पास मसलाय गांव के दामाद छतरसिंह दरबार मौजूद थे। सांसद दरबार ने अपने रिश्तों की दुहाई देकर भाजपा के पक्ष में वोट की अपील की। इनके साथ ही मंत्री कमल पटेल, विधायक राम दांगोरे, जसवंतसिंह हाड़ा, राजेश डोंगरे, सुभाष कोठारी, राजपालसिंह तोमर, नरेंद्रसिंह तोमर, अरुणसिंह मुन्ना, चंद्रेश पचौरी, नंदन करोड़ी, अनुप पटेल, राजपालसिंह चौहान, लोकेंद्रसिंह गौड़, जितेंद्र सिसोदिया, अनिल भगत, प्रीतम पटेल, सूरजपाल सिंह, सखाराम यादव, श्यामसिंह मौर्य, प्रशांत मिश्रा, रेवादीप शर्मा, भरत पटेल सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।



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In 17 minutes, CM said 11 times- 'Seth Kamal Nath' said- It is your sin to eat the farmers' money


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कोरोना के कारण इस साल शहर में नहीं निकलेगा जुलूस

ईद मिलादुन्नबी शुक्रवार को मनाई जाएगी, लेकिन इस बार कोरोना के चलते जिले में कहीं भी जुलूस नहीं निकाला जाएगा। नायब शहर काजी निसार अली सहित मुस्लिम समाज के विभिन्न संगठनों ने कलेक्टर से लिखित आवेदन लेकर जुलूस निकालने का आग्रह किया था। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि गृह विभाग से जो भी निर्देश आएंगे उसके अनुसार आपको बता दिया जाएगा। इधर, जुलूस को लेकर गुरुवार देर रात को पुलिस कंट्रोल रूम में बैठक हुई।
अपर कलेक्टर नंदा भलावे कुशरे ने प्रेसनोट जारी कर बताया कि कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम तथा सोशल डिस्टेंसिंग के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए 30 अक्टूबर शुक्रवार को किसी भी धार्मिक चल समारोह, रैली या जुलूस के आयोजन की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा नहीं दी गई है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के प्रावधानों का सख्ती से पालन करें।
ईद मिलादुन्नबी को लेकर एक सप्ताह पहले से ही शहर की मस्जिद मदरसे सज गए हैं। मस्जिदों में मिलाद की महफिल सज रही है। नाते पाक का कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। वही मोहल्ले व घर गलियों को फूलों की झिलमिल लाइट के साथ ही इस्लामी झंडे से सजाया गया है।

मुस्लिम बहुल इलाकों में हुई आतिशबाजी

गुरुवार रात मुस्लिम बहुल इलाके इमलीपुरा, परदेसीपुरा, हातमपुरा, खड़कपुरा, कहारवाड़ी क्षेत्र में मुस्लिम समाजजन ने पटाखे फोड़कर आतिशबाजी की। गुरुवार को शर्मा गैरेज के पास नूरानी चौक पर लंगर ए आम का आयोजन किया गया है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर धार्मिक आयोजन होंगे।

सांकेतिक रूप से मनाएंगे त्योहार

पिछले साल राम मंदिर निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से स्थगित हुआ था जुलूस
कोरोना की वजह से मुस्लिम समाज द्वारा हजरत पैगंबर साहब के जन्मदिन ईद मिलादुन्नबी के त्योहार पर शुक्रवार को शहर में जुलूस नहीं निकाला जाएगा। समाज के लोगों द्वारा प्रशासन और पुलिस अफसरों से चर्चा के बाद जुलूस नहीं निकालकर ईद मिलादुन्नबी का पर्व सांकेतिक रूप से मनाने का निर्णय लिया है। यह लगातार दूसरा साल है जब, हजरत पैगंबर साहब के जन्मदिन पर मुस्लिम समाज का जुलूस नहीं निकल रहा है। पिछले साल 10 नवंबर को राम मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के चलते समाज ने जुलूस निरस्त कर दिया था।
इस साल कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए जुलूस स्थगित किया है। वहीं ईद मिलादुन्नबी पर्व के मद्देनजर शहर की मस्जिदों में विशेष विद्युत सजावट की गई है। ईद मिलादुन्नबी पर मस्जिदों में कुरान खानी, बच्चों के नातियां प्रोग्राम और मिलाद शरीफ का कार्यक्रम रखे गए हैं। इसके अलावा समाज के लोग घरों में फातिया खानी भी करेंगे। वहीं समाज के लोग कब्रिस्तान में बुजुर्गाें की कब्र पर भी फातियां पढ़ेंगे। शहर की दरगाह वाली मस्जिद के इमाम मोहम्मद सिद्दीक ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते ईद मिलादुन्नबी पर्व पर जुलूस नहीं निकला जा रहा है। मस्जिदों और घरों में ही समाज के लोग पर्व को सादगी से मनाएंगे।



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The procession will not go out in the city this year due to Corona


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सवा साल में भर गया कांग्रेस के पाप का घड़ा, सुिमत्रा ने लट्‌ठ मारकर फोड़ दिया

कांग्रेस ने क्षेत्र के विकास के लिए धेला भी नहीं दिया। सुमित्रा मेरे पास आई। बोली- मैं दुखी हूं, क्षेत्र में घुस नहीं पा रही। मैंने कहा- कहां फंस गई दुष्टन में। वो कांग्रेस को राम-राम करके भाजपा में आ गईं। कांग्रेस के पाप का घड़ा सवा साल में भर गया। सुिमत्रा ने उसे लट्‌ठ मारकर फोड़ दिया। मैं चौथी बार मुख्यमंत्री बनूंगा, उम्मीद नहीं थी।
मुठवा बाबा की कृपा से चौथी बार मुख्यमंत्री बना। सुिमत्रा चिंता मत करना, हम कमलनाथ थोड़े हैं। गुरुवार को नेपानगर क्षेत्र के डािभयाखेड़ा में हुई भाजपा की सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात कही। उन्होंने आदिवासियों सहित सभी मतदाताओं को साधते हुए कहा- राजस्व की जमीन पर किसी का भी पुराना कब्जा हो, सबको मिनाई के पट्‌टे दिए जाएंगे। इसके लिए नयम-कानून मैं बनाऊंगा, मुख्यमंत्री किस बात का हूं। मामा के राज में मप्र की धरती पर कोई भूखा नहीं सोएगा। वल्लभ भवन में कुर्सी पर बैठकर मिचमिचाते रहे कमलनाथजी। सुन लो रे किसान भाईयों, तुम्हारे ब्याज की गठरी मामा शिवराजसिंह उतारेगा। कमलनाथ के पाप की सजा किसानों को नहीं भुगतने देंगे।
सुन लो सेठ-हम कमीने हैं
शिवराज का हेलीकॉप्टर 4.35 बजे हेलीपेड पर उतरा। मंच पर पहुंचने से पहले उन्होंने कन्या पूजन किया। 23 मिनट के भाषण में उन्होंने 20 बार सेठ कमलनाथ कहा। वे बोले- उनके चुनाव के मुद्दे मुझे गाली देना है। मुझे घुटना टेक, कमीना, नालायक और भूखा-नंगा कहते हैं। सुन लो सेठ, हम कमीने हैं। कमलनाथ ने जो योजनाएं बंद कर दी, उन्हें हम फिर शुरू करेंगे। हम आपकी जिंदगी बदलने आए हैं, लेकिन हम कमीने हैं। तूने धेला नहीं दिया, लेकिन कमीने हम हैं। बुरहानपुर को केला कलस्टर बनाएंगे। नावरा सेक्टर में अस्पताल खोला जाएगा।



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In the past one and a half year, the Congress's pitcher was filled, Sumitra busted by lathing


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केबीसी में लाखाें, कराेड़ाें रुपए जीतना मकसद नहीं था, बल्कि छोटे कर्मचारी सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे करते हैं यह देश काे बताना था

मैं देश को बताना चाहता था कि सरकार की योजनाओं का मैदान पर क्रियान्वयन में सबसे निचले पायदान के कर्मचारी कितनी मेहनत करते हैं। इसके लिए मुझे कौन बनेगा करोड़पति सबसे अच्छा मंच लगा। केबीसी सीजन 12 में मेरा रजिस्ट्रेशन हुआ। काेविड-19 के दौरान छह माह की प्रक्रिया के बाद मुझे हॉट सीट पर बैठने का मौका मिला। राशि जीतने की बजाय मैं अपने उद्देश्य में सफल रहा।
यह कहना है पुनासा जनपद की ग्राम पंचायत मोहना में पदस्थ सचिव कौशलेंद्र सिंह तोमर का। हाल ही में वे केबीसी में भाग लेकर आए हैं। कौशलेंद्र ने बताया मैंने केबीसी के हर सीजन के एपीसोड देखे हैं। लॉकडाउन के दौरान अप्रैल में 12वें सीजन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। मैंने एप डाउनलोड कर 14 दिन तक सवालों के सही जवाब दिए। मई में मुझे कॉल आया कि आपका केबीसी में रजिस्ट्रेशन हो गया है। पहले विश्वास नहीं हुआ। सोचा फर्जी कॉल आया है। मैंने कॉल बीच में ही काट दिया। दो घंटे बाद फिर कॉल आया। मेरे बेटे के कहने पर मैंने कॉल अटैंड किया और उनके बताए अनुसार ऑनलाइन फार्म भर दिया और मेरा नंबर लग गया। लंबी प्रक्रिया के बाद हॉट सीट तक पहुंचा और 14 प्रश्नों के जवाब सही दिए। मेरा उद्देश्य लाखों या करोड़ों रुपए जीतना नहीं बल्कि देश के लोगों तक अपनी बात पहुंचाना था, जिसमें मैं सफल रहा।

कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई, क्वारेंटाइन रहना पड़ा
समाजशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट कौशलेंद्र ने बताया 21 सितंबर को ही मैं मुंबई पहुंच गया था। होटल में कोरोना टेस्ट किया गया। 23 को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 14 दिन क्वारेंटाइन रहना पड़ा। इसके बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर 6 अक्टूबर को होटल में लौटे। घर आने का सोच ही रहे थे कि फोन आया कि रात में ही शूटिंग होगी। गोरेगांव ईस्ट में मॉकपोल में छठवीं बार में नंबर लगा।

इस तरह चली चयन प्रक्रिया

  • 24 अप्रैल को सोनी टीवी पर केबीसी 12वें सीजन का विज्ञापन आया। 14 दिन तक 14 सवालों के जवाब दिए।
  • 16 मई को चयन होने की सूचना फोन पर मिली।
  • 25 मई को फोन कर बताया गया कि 5 जून को ऑडिशन होगा।
  • केबीसी फार्मेट में जीवन के बारे में जानकारी दी, 20 सवालों के जवाब दिए और 6 वीडियो बनवाए।
  • 4 जुलाई को सूचना दी गई कि 9 जुलाई को इंटरव्यू होगा।
  • अगस्त में पुन: पत्नी के साथ इंटरव्यू के लिए मुंबई बुलाया गया। यहां मेरा चयन हो गया।
  • 21 सितंबर को प्लेन के टिकट मिल गए।
  • 6 अक्टूबर को शूटिंग हुई तो पहले मेरा नंबर लग गया और हॉट सीट पर बैठने का मौका मिला।
  • 26 अक्टूबर को कार्यक्रम का प्रसारण हुआ। जिसमें वे 40 हजार रुपए जीते।


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Bringing in KBC, winning crores was not the motive, but how the small workers implement the government's schemes, it was to tell the country.


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निगम के अधिकारी-कर्मचारी वार्डों में करेंगे सफाई की निगरानी

स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में शहर को बेहतर रैंकिंग में लाने के लिए अब नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी सुबह वार्डों में भ्रमण कर स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इस दौरान स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए निर्धारित मापदंडों के अनुरूप काम कराया जाएगा। ये कर्मचारी सफाई कार्य में सुधार के लिए समन्वयक की भूमिका भी निभाएंगे।
झीलोद्यान स्थित स्वच्छ भारत मिशन कार्यालय में आयोजित स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग की बैठक में यह निर्देश आयुक्त हिमांशु भट्ट ने दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि निगम के सभी छह जोन में स्वच्छता के प्रति जनजागरुकता लाने के लिए प्रत्येक माह में चार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में फोर बिन्स द्वारा कचरे और अपशिष्ट का संग्रहण कर उसका वैज्ञानिक पद्धति से निपटान करने पर विशेष ध्यान दिए जाने, खाली पड़े भूखंडों पर की गई गंदगी की जीपीएस मैप कैमरे से लोकेशन दर्ज कर उसकी फोटो खींचकर उनसे जुर्माना वसूल किए जाने, यूरिनल निर्माण कार्य और ट्रेंचिंग ग्राउंड पर बनाए जाने वाले प्लेटफार्म निर्माण का काम शीघ्र करने के निर्देश दिए।
बैठक में सहायक आयुक्त मोनिका पारधी, प्रभारी कार्यपालन यंत्री अंतरसिंह तंवर, सहायक यंत्री वर्षा घिडोडे, एचआर पांडे, जनसंपर्क अधिकारी जाकिर जाफरी, प्रभारी सहायक यंत्री संजय शुक्ला, उपयंत्री भूपेंद्र सिंह बिसेन, प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी शाहीन खान, जोन प्रभारी जाकिर अहमद, भुवन श्रीमाली, सखाराम भट्ट, धीरज दवे, जाफर अहमद , अजय पटेल, मनीष पंजाबी व कंसल्टेंट अमित मिश्रा भी मौजूद थे।



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Corporation officials and employees will monitor the cleanliness in the wards


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अमलपुरा से आशापुर तक मुरम डालकर भरे गड्ढे

खंडवा-होशंगाबाद राजमार्ग 15 पूरी तरह से गड्ढों से पट गया है। आशापुर से खंडवा के बीच जानलेवा गड्ढे होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे थे। 15 दिन पहले ही सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी। कई बाइक चालक घायल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर प्रशासन को कई बार आग्रह किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। गड्ढों से त्रस्त युवाओं ने गुरुवार को ‘चलो एक जान बचाए हम’ मुहिम के तहत अमलपुरा से आशापुर तक छोटे-बड़े गड्ढों को मुरम डालकर भरे। अमित राजपूत ने बताया खंडवा-होशंगाबाद राजमार्ग पूरी तरह बदहाल हो गया है। अमलपुरा से आशापुर तक तो हालत सबसे ज्यादा खराब है। इस परेशानी को लेकर सड़क विकास निगम, जिला प्रशासन को भी ज्ञापन दिया गया, लेकिन अनदेखी होने पर सड़क मरम्मत के लिए स्वयं ही गड्ढे भरने का निर्णय लिया।



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From Amalpura to Ashapura, potholes filled with mud


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